अद्यापि दुर्निवारं स्तुतिकन्या

वहति नाम कौमारम् ।

सद्भ्यो न रोचते सा

ऽसन्तोप्यस्यै न रोचन्ते ॥

‘ स्तुती ‘ नावाची कन्या अजूनही कुमारीच राहिली असून तिचा विवाह होणे अतिशय कठीण आहे . कारण सज्जनांना ती आवडत नाही आणि दुर्जन तिला आवडत नाहीत .

‘ स्तुति ‘ नाम की कन्या अभी भी कुँवारीही रह गयी हैं और उस का विवाह होना भी बहुत कठिन हैं ।, क्यों कि सज्जनों को वह भांति नहीं और दुर्जन उसे भांते नहीं ।

It is very difficult for the unmarried girl called Stuti to get married. The reason is good people

( sajjana or sabhya) do not like her and she herself

does not like bad people ( durjana) .