Learnedness, cleverness, wisdom

इदमेव हि पाण्डित्यं चातुर्यमिदमेव हि । इदमेव सुबुद्धित्वमायादल्पतरो व्ययः ॥ यही विद्वत्ता है, चतुराई है, और बुद्धिमत्ता है कि आय से कम व्यय हो। పాండిత్యం ఇదే, తెలివీ ఇదే, బుద్ధిమంతుల లక్షణమూ ఇదే. ఆదాయం కన్నా వ్యయం తక్కువ ఉండాలి.* This is the very learnedness,...

Character

यदि सन्तं सेवति यद्यसन्तं तपस्विनं यदि वा स्तेनमेव। वासो यथा रङ्गवशं प्रयाति तथा स तेषां वशमभ्युपैति॥ भावार्थ : कपड़े को जिस रंग में रँगा जाए, उस पर वैसा ही रंग चढ़ जाता है। उसी प्रकार सज्जन के साथ रहने पर सज्जनता तथा तपस्वी के साथ रहने पर तपश्चर्या का रंग चढ़ जाता है।...

धर्मलक्षणम्

धर्मलक्षणम् धृतिः क्षमा दमोऽस्तेयं शौच मिन्द्रियनिग्रहः । धीर्विद्या सत्यमक्रोधो दशकं धर्मलक्षणम् ॥ धारणशक्ती , क्षमाशीलता , वासनांवर नियंत्रण , चोरी न करणे , अंतर्बाह्य शुचिता , इंद्रियांवर विजय , बुद्धीमत्तेचा वापर , ज्ञान मिळविण्याची तृष्णा , सत्याचे पालन आणि क्रोध...

हितम्

परो अपि हितवान् बन्धु: ,बन्धु: अपि अहित: पर: | अहित: देहज: व्याधि: , हितम् आरण्यम् औषधम् || The person with whom we have no relation, but who helps us in our difficult times is our Real relative/brother. In contrast the person who may be our relative/brother (With...

देवाः स्पृहयन्ति

अतिवादं न प्रवदेत्र वादयेद् यो नाहतः प्रतिहन्यात्र घातयेत्। हन्तुं च यो नेच्छति पातकं वै तस्मै देवाः स्पृहयन्त्यागताय॥ भावार्थ : जो न किसी को बुरा कहता है, न कहलवाता है; चोट खाकर भी न तो चोट करता है, न करवाता है, दोषियों को भी क्षमा कर देता है -देवता भी उसके स्वागत...