निशुम्भशुम्भमर्दिनीं प्रचण्डमुण्डखण्डिनीम् ।

वने रणे प्रकाशिनीं भजामि विन्ध्यवासिनीम्॥

 भावार्थ : शुम्भ तथा निशुम्भ का संहार करनेवाली, चण्ड तथा मुण्ड का विनाश करनेवाली, वन में तथा युद्धस्थल में पराक्रम प्रदर्शित करनेवाली भगवती विन्ध्यवासिनी की मैं आराधना करता हूँ।

I worship goddess Vindhyavasini, who used to destroy Shumbh and Nishumbh, destroy the Chand and Mund. Proved their courage & mightily in the forest and in the battlefield.

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