1.1.1.1 – यस्य ज्ञानदयासिन्धोरगाधस्यानघा गुणाः

1.1.1.2 – सेव्यतामक्षयो धीराः स श्रिये चामृताय च

1.1.2.1 – समाहृत्यान्यतन्त्राणि संक्षिप्तैः प्रतिसंस्कृतैः

1.1.2.2 – संपूर्णमुच्यते वर्गैर्नामलिङ्गानुशासनम्

1.1.3.1 – प्रायशो रूपभेदेन साहचर्याच्च कुत्रचित्

1.1.3.2 – स्त्रीपुंनपुंसकं ज्ञेयं तद्विशेषविधेः क्वचित्

1.1.4.1 – भेदाख्यानाय न द्वन्द्वो नैकशेषो न सङ्करः

1.1.4.2 – कृतोऽत्र भिन्नलिङ्गानामनुक्तानां क्रमादृते

1.1.5.1 – त्रिलिङ्ग्यां त्रिष्विति पदं मिथुने तु द्वयोरिति

1.1.5.2 – निषिद्धलिङ्गं शेषार्थं त्वन्ताथादि न पूर्वभाक्

स्वर्गः. heaven (5) – स्वर् (अव्य), स्वर्ग (पुं), नाक (पुं), त्रिदिव (पुं), त्रिदशालय (पुं)
1.1.6.1 – स्वरव्ययं स्वर्गनाकत्रिदिवत्रिदशालयाः

स्वर्गः. heaven (5) – सुरलोक (पुं), द्यो (स्त्री), दिव् (स्त्री), त्रिविष्टप (नपुं), +[त्रिपिष्टप (नपुं)]
1.1.6.2 – सुरलोको द्योदिवौ द्वे स्त्रियां क्लीबे त्रिविष्टपम्

देवः. deva (6) – अमर (पुं), निर्जरस् (पुं), देव (पुं), त्रिदश (पुं), विबुध (पुं), सुर (पुं)
1.1.7.1 – अमरा निर्जरा देवास्त्रिदशा विबुधाः सुराः

देवः. deva (5) – सुपर्वन् (पुं), सुमनस् (पुं), त्रिदिवेश (पुं), दिवौकस् (पुं), +[दिवौकः (पुं)]
1.1.7.2 – सुपर्वाणः सुमनसस्त्रिदिवेशा दिवौकसः

देवः. deva (4) – आदितेय (पुं), दिविषद् (पुं), लेख (पुं), अदितिनन्दन (पुं)
1.1.8.1 – आदितेया दिविषदो लेखा अदितिनन्दनाः

देवः. deva (5) – आदित्य (पुं), ऋभव (पुं), अस्वप्न (पुं), अमर्त्य (पुं), अमृतान्धस् (पुं)
1.1.8.2 – आदित्या ऋभवोऽस्वप्ना अमर्त्या अमृतान्धसः

देवः. deva (5) – बर्हिर्मुख (पुं), क्रतुभुज् (पुं), गीर्वाण (पुं), +[गीर्बाण (पुं)], दानवारि (पुं)
1.1.9.1 – बर्हिर्मुखाः क्रतुभुजो गीर्वाणा दानवारयः

देवः. deva (3) – वृन्दारक (पुं), दैवत (पुं-नपुं), देवता (स्त्री)
1.1.9.2 – वृन्दारका दैवतानि पुंसि वा देवताः स्त्रियाम्

गणदेवता. class of devas (6) – आदित्य (पुं), विश्व (नपुं), वसु (पुं-बहु), तुषित (पुं-बहु), आभास्वर (पुं), अनिल (पुं)
1.1.10.1 – आदित्यविश्ववसवस्तुषिता भास्वरानिलाः

गणदेवता. class of devas (3) – महाराजिक (पुं-बहु), साध्य (पुं-बहु), रुद्र (पुं)
1.1.10.2 – माहाराजिकसाध्याश्च रुद्राश्च गणदेवताः

देवयोनिः. class of divine beings (6) – विद्याधर (पुं), अप्सरस् (स्त्री-बहु), यक्ष (पुं), रक्ष (पुं), गन्धर्व (पुं), किन्नर (पुं)
1.1.11.1 – विद्याधराप्सरोयक्षरक्षोगन्धर्वकिन्नराः

देवयोनिः. class of divine beings (4) – पिशाच (पुं), गुह्यक (पुं), सिद्ध (पुं), भूत (नपुं)
1.1.11.2 – पिशाचो गुह्यकः सिद्धो भूतोऽमी देवयोनयः

असुरः. asura (7) – असुर (पुं), +[आसुर (पुं)], दैत्य (पुं), दैतेय (पुं), दनुज (पुं), इन्द्रारि (पुं), दानव (पुं)
1.1.12.1 – असुरा दैत्यदैतेयदनुजेन्द्रारिदानवाः

असुरः. asura (4) – शुक्रशिष्य (पुं), दितिसुत (पुं), पूर्वदेव (पुं), सुरद्विष् (पुं)
1.1.12.2 – शुक्रशिष्या दितिसुताः पूर्वदेवाः सुरद्विषः

बुद्धः. buddha (5) – सर्वज्ञ (पुं), सुगत (पुं), बुद्ध (पुं), धर्मराज (पुं), तथागत (पुं)
1.1.13.1 – सर्वज्ञः सुगतो बुद्धो धर्मराजस्तथागतः

बुद्धः. buddha (5) – समन्तभद्र (पुं), भगवत् (पुं), मारजित् (पुं), लोकजित् (पुं), जिन (पुं)
1.1.13.2 – समन्तभद्रो भगवान् मारजिल्लोकजिज्जिनः

बुद्धः. buddha (4) – षडभिज्ञ (पुं), दशबल (पुं), अद्वयवादिन् (पुं), विनायक (पुं)
1.1.14.1 – षडभिज्ञो दशबलोऽद्वयवादी विनायकः

बुद्धः. buddha (4) – मुनीन्द्र (पुं), श्रीघन (पुं), शास्तृ (पुं), मुनि (पुं)
शाक्यः. the buddha (1) – शाक्यमुनि (पुं)
1.1.14.2 – मुनीन्द्रः श्रीघनः शास्ता मुनिः शाक्यमुनिस्तु यः

शाक्यः. the buddha (3) – शाक्यसिंह (पुं), सर्वार्थसिद्ध (पुं), शौद्धोदनि (पुं)
1.1.15.1 – स शाक्यसिंहः सर्वार्थसिद्धः शौद्धोदनिश्च सः

शाक्यः. the buddha (3) – गौतम (पुं), अर्कबन्धु (पुं), मायादेवीसुत (पुं)
1.1.15.2 – गौतमश्चार्कबन्धुश्च मायादेवीसुतश्च सः

ब्रह्मा. brahma (5) – ब्रह्मन् (पुं), आत्मभू (पुं), सुरज्येष्ठ (पुं), परमेष्ठिन् (पुं), पितामह (पुं)
1.1.16.1 – ब्रह्मात्मभूः सुरज्येष्ठः परमेष्ठी पितामहः

ब्रह्मा. brahma (4) – हिरण्यगर्भ (पुं), लोकेश (पुं), स्वयम्भू (पुं), चतुरानन (पुं)
1.1.16.2 – हिरण्यगर्भो लोकेशः स्वयम्भूश्चतुराननः

ब्रह्मा. brahma (6) – धातृ (पुं), अब्जयोनि (पुं), द्रुहिण (पुं), विरिञ्चि (पुं), +[विरञ्चि (पुं)], कमलासन (पुं)
1.1.17.1 – धाताब्जयोनिर्द्रुहिणो विरिञ्चिः कमलासनः

ब्रह्मा. brahma (6) – स्रष्टृ (पुं), प्रजापति (पुं), वेधस् (पुं), विधातृ (पुं), विश्वसृज् (पुं), विधि (पुं)
1.1.17.2 – स्रष्टा प्रजापतिर्वेधा विधाता विश्वसृड्विधिः

ब्रह्मा. brahma (5) – नाभिजन्मन् (पुं), अण्डज (पुं), पूर्व (पुं), निधन (पुं-नपुं), कमलोद्भव (पुं)
1.1.17.3 – नाभिजन्माण्डजः पूर्वो निधनः कमलोद्भवः

ब्रह्मा. brahma (4) – सदानन्द (पुं), रजोमूर्तिन् (पुं), सत्यक (पुं), हंसवाहन (पुं)
1.1.17.4 – सदानन्दो रजोमूर्तिः सत्यको हंसवाहनः

विष्णुः. vishnu (6) – विष्णु (पुं), नारायण (पुं), +[नरायण (पुं)], कृष्ण (पुं), वैकुण्ठ (पुं), विष्टरश्रवस् (पुं)
1.1.18.1 – विष्णुर्नारायणः कृष्णो वैकुण्ठो विष्टरश्रवाः

विष्णुः. vishnu (5) – दामोदर (पुं), हृषीकेश (पुं), केशव (पुं), माधव (पुं), स्वभू (पुं)
1.1.18.2 – दामोदरो हृषीकेशः केशवो माधवः स्वभूः

विष्णुः. vishnu (4) – दैत्यारि (पुं), पुण्डरीकाक्ष (पुं), गोविन्द (पुं), गरुडध्वज (पुं)
1.1.19.1 – दैत्यारिः पुण्डरीकाक्षो गोविन्दो गरुडध्वजः

विष्णुः. vishnu (6) – पीताम्बर (पुं), अच्युत (पुं), शार्ङ्गिन् (पुं), विष्वक्सेन (पुं), +[विश्वक्सेन (पुं)], जनार्दन (पुं)
1.1.19.2 – पीताम्बरोऽच्युतः शार्ङ्गी विष्वक्सेनो जनार्दनः

विष्णुः. vishnu (4) – उपेन्द्र (पुं), इन्द्रावरज (पुं), चक्रपाणि (पुं), चतुर्भुज (पुं)
1.1.20.1 – उपेन्द्र इन्द्रावरजश्चक्रपाणिश्चतुर्भुजः

विष्णुः. vishnu (4) – पद्मनाभ (पुं), मधुरिपु (पुं), वासुदेव (पुं), त्रिविक्रम (पुं)
1.1.20.2 – पद्मनाभो मधुरिपुर्वासुदेवस्त्रिविक्रमः

विष्णुः. vishnu (5) – देवकीनन्दन (पुं), शौरि (पुं), +[सौरि (पुं)], श्रीपति (पुं), पुरुषोत्तम (पुं)
1.1.21.1 – देवकीनन्दनः शौरिः श्रीपतिः पुरुषोत्तमः

विष्णुः. vishnu (4) – वनमालिन् (पुं), बलिध्वंसिन् (पुं), कंसाराति (पुं), अधोक्षज (पुं)
1.1.21.2 – वनमाली बलिध्वंसी कंसारातिरधोक्षजः

विष्णुः. vishnu (4) – विश्वम्भर (पुं), कैटभजित् (पुं), विधु (पुं), श्रीवत्सलाञ्छन (पुं)
1.1.22.1 – विश्वम्भरः कैटभजिद्विधुः श्रीवत्सलाञ्छनः

विष्णुः. vishnu (3) – पुराणपुरुष (पुं), यज्ञपुरुष (पुं), नरकान्तक (पुं)
1.1.22.2 – पुराणपुरुषो यज्ञपुरुषो नरकान्तकः

विष्णुः. vishnu (4) – जलशायिन् (पुं), विश्वरूप (पुं), मुकुन्द (पुं), मुरमर्दन (पुं)
1.1.22.3 – जलशायी विश्वरूपो मुकुन्दो मुरमर्दनः

वसुदेवः. his father (2) – वसुदेव (पुं), आनकदुन्दुभि (पुं)
1.1.22.4 – वसुदेवोऽस्य जनकः स एवानकदुन्दुभिः

बलभद्रः. balarama (4) – बलभद्र (पुं), प्रलम्बघ्न (पुं), बलदेव (पुं), अच्युताग्रज (पुं)
1.1.23.1 – बलभद्रः प्रलम्बघ्नो बलदेवोऽच्युताग्रजः

बलभद्रः. balarama (4) – रेवतीरमण (पुं), राम (पुं), कामपाल (पुं), हलायुध (पुं)
1.1.23.2 – रेवतीरमणो रामः कामपालो हलायुधः

बलभद्रः. balarama (6) – नीलाम्बर (पुं), रौहिणेय (पुं), तालाङ्क (पुं), मुसलिन् (पुं), मुषलिन् (पुं), हलिन् (पुं)
1.1.24.1 – नीलाम्बरो रौहिणेयस्तालाङ्को मुसली हली

बलभद्रः. balarama (4) – सङ्कर्षण (पुं), सीरपाणि (पुं), कालिन्दीभेदन (पुं), बल (पुं)
1.1.24.2 – सङ्कर्षणः सीरपाणिः कालिन्दीभेदनो बलः

कामदेवः. kamadeva (5) – मदन (पुं), मन्मथ (पुं), मार (पुं), प्रद्युम्न (पुं), मीनकेतन (पुं)
1.1.25.1 – मदनो मन्मथो मारः प्रद्युम्नो मीनकेतनः

कामदेवः. kamadeva (6) – कन्दर्प (पुं), दर्पक (पुं), अनङ्ग (पुं), काम (पुं), पञ्चशर (पुं), स्मर (पुं)
1.1.25.2 – कन्दर्पो दर्पकोऽनङ्गः कामः पञ्चशरः स्मरः

कामदेवः. kamadeva (5) – शम्बरारि (पुं), +[सम्बरारि (पुं)], मनसिज (पुं), कुसुमेषु (पुं), अनन्यज (पुं)
1.1.26.1 – शम्बरारिर्मनसिजः कुसुमेषुरनन्यजः

कामदेवः. kamadeva (4) – पुष्पधन्वन् (पुं), रतिपति (पुं), मकरध्वज (पुं), आत्मभू (पुं)
1.1.26.2 – पुष्पधन्वा रतिपतिर्मकरध्वज आत्मभूः

कामबाणः. kama’s arrow (4) – अरविन्द (नपुं), अशोक (नपुं), चूत (पुं), नवमल्लिका (स्त्री)
1.1.26.3 – अरविन्दमशोकं च चूतं च नवमल्लिका

कामबाणः. kama’s arrow (1) – नीलोत्पल (नपुं)
कामदेवः. kamadeva (1) – पञ्चबाण (पुं)
1.1.26.4 – नीलोत्पलं च पञ्चैते पञ्चबाणस्य सायकाः

कामबाणः. kama’s arrow (4) – उन्मादन (नपुं), तापन (नपुं), शोषण (नपुं), स्तम्भन (नपुं)
1.1.26.5 – उन्मादनस्तापनश्च शोषणः स्तम्भनस्तथा

कामबाणः. kama’s arrow (1) – सम्मोहन (नपुं)
कामदेवः. kamadeva (1) – काम (पुं)
1.1.26.6 – संमोहनश्च कामस्य पञ्च बाणाः प्रकीर्तिताः

कामदेवः. kamadeva (5) – ब्रह्मसू (पुं), विश्वकेतु (पुं), +[ऋश्यकेतु (पुं)], +[ऋष्यकेतु (पुं)], +[झषकेतु (पुं)]
अनिरुद्धः. aniruddha (2) – अनिरुद्ध (पुं), उषापति (पुं)
1.1.27.1 – ब्रह्मसूर्विश्वकेतुः स्यादनिरुद्ध उषापतिः

लक्ष्मी. lakshmi (6) – लक्ष्मी (स्त्री), पद्मालया (स्त्री), पद्मा (स्त्री), कमला (स्त्री), श्री (स्त्री), हरिप्रिया (स्त्री)
1.1.27.2 – लक्ष्मीः पद्मालया पद्मा कमला श्रीर्हरिप्रिया

लक्ष्मी. lakshmi (6) – इन्दिरा (स्त्री), लोकमातृ (स्त्री), मा (स्त्री), क्षीरोदतनया (स्त्री), +[क्षीराब्धितनया (स्त्री)], रमा (स्त्री)
1.1.27.3 – इन्दिरा लोकमाता मा क्षीरोदतनया रमा

लक्ष्मी. lakshmi (3) – भार्गवी (स्त्री), लोकजननी (स्त्री), क्षीरसागरकन्यका (स्त्री)
1.1.27.4 – भार्गवी लोकजननी क्षीरसागरकन्यका

विष्णुः. vishnu (1) – लक्ष्मीपति (पुं)
विष्णुशङ्खः. vishnu (1) – पाञ्चजन्य (पुं)
विष्णुचक्रम्. vishnu’s discus (1) – सुदर्शन (पुं-नपुं)
1.1.28.1 – शङ्खो लक्ष्मीपतेः पाञ्चजन्यश्चक्रं सुदर्शनम्

विष्णुगदा. vishnu’s mace (1) – कौमोदकी (स्त्री)
विष्णुखड्गः. vishnu’s sword (1) – नन्दक (पुं)
विष्णोः मणिः. vishnu’s jewel (1) – कौस्तुभ (पुं)
1.1.28.2 – कौमोदकी गदा खड्गो नन्दकः कौस्तुभो मणिः

विष्णुचापः. vishnu’s bow (1) – शार्ङ्ग (पुं)
विष्णुः. vishnu (1) – मुरारि (पुं)
विष्णुलाञ्छनम्. vishnu’s mark (1) – श्रीवत्स (पुं)
1.1.28.3 – चापः शार्ङ्गं मुरारेस्तु श्रीवत्सो लाञ्छनं स्मृतम्

विष्णोः अश्वः. vishnu’s horse (4) – शैब्य (पुं), सुग्रीव (पुं), मेघपुष्प (नपुं), बलाहक (पुं)
1.1.28.4 – अश्वाश्च शैब्यसुग्रीवमेघपुष्पबलाहकाः

विष्णोः सारथिः. vishnu’s charioteer (1) – दारुक (पुं)
विष्णोः मन्त्रिः. vishnu’s minister (1) – उद्धव (पुं)
कृष्णानुजः. vishnu’s brother (1) – गद (पुं)
1.1.28.5 – सारथिर्दारुको मन्त्री ह्युद्धवश्चानुजो गदः

गरुडः. garuda (5) – गरुत्मत् (पुं), गरुड (पुं), तार्क्ष्य (पुं), वैनतेय (पुं), खगेश्वर (पुं)
1.1.29.1 – गरुत्मान् गरुडस्तार्क्ष्यो वैनतेयः खगेश्वरः

गरुडः. garuda (4) – नागान्तक (पुं), विष्णुरथ (पुं), सुपर्ण (पुं), पन्नगाशन (पुं)
1.1.29.2 – नागान्तको विष्णुरथः सुपर्णः पन्नगाशनः

शिवः. shiva (6) – शम्भु (पुं), ईश (पुं), पशुपति (पुं), शिव (पुं), शूलिन् (पुं), महेश्वर (पुं)
1.1.30.1 – शम्भुरीशः पशुपतिः शिवः शूली महेश्वरः

शिवः. shiva (6) – ईश्वर (पुं), शर्व (पुं), +[सर्व (पुं)], ईशान (पुं), शङ्कर (पुं), चन्द्रशेखर (पुं)
1.1.30.2 – ईश्वरः शर्व ईशानः शङ्करश्चन्द्रशेखरः

शिवः. shiva (5) – भूतेश (पुं), खण्डपरशु (पुं), गिरीश (पुं), गिरिश (पुं), मृड (पुं)
1.1.31.1 – भूतेशः खण्डपरशुर्गिरीशो गिरिशो मृडः

शिवः. shiva (4) – मृत्युञ्जय (पुं), कृत्तिवासस् (पुं), पिनाकिन् (पुं), प्रमथाधिप (पुं)
1.1.31.2 – मृत्युञ्जयः कृत्तिवासाः पिनाकी प्रमथाधिपः

शिवः. shiva (5) – उग्र (पुं), कपर्दिन् (पुं), श्रीकण्ठ (पुं), शितिकण्ठ (पुं), कपालभृत् (पुं)
1.1.32.1 – उग्रः कपर्दी श्रीकण्ठः शितिकण्ठः कपालभृत्

शिवः. shiva (4) – वामदेव (पुं), महादेव (पुं), विरूपाक्ष (पुं), त्रिलोचन (पुं)
1.1.32.2 – वामदेवो महादेवो विरूपाक्षस्त्रिलोचनः

शिवः. shiva (4) – कृशानुरेतस् (पुं), सर्वज्ञ (पुं), धूर्जटि (पुं), नीललोहित (पुं)
1.1.33.1 – कृशानुरेताः सर्वज्ञो धूर्जटिर्नीललोहितः

शिवः. shiva (7) – हर (पुं), +[हार (पुं)], स्मरहर (पुं), भर्ग (पुं), +[भर्ग्य (पुं)], त्र्यम्बक (पुं), त्रिपुरान्तक (पुं)
1.1.33.2 – हरः स्मरहरो भर्गस्त्र्यम्बकस्त्रिपुरान्तकः

शिवः. shiva (4) – गङ्गाधर (पुं), अन्धकरिपु (पुं), क्रतुध्वंसिन् (पुं), वृषध्वज (पुं)
1.1.34.1 – गङ्गाधरोऽन्धकरिपुः क्रतुध्वंसी वृषध्वजः

शिवः. shiva (6) – व्योमकेश (पुं), भव (पुं), भीम (पुं), स्थाणु (पुं), रुद्र (पुं), उमापति (पुं)
1.1.34.2 – व्योमकेशो भवो भीमः स्थाणू रुद्र उमापतिः

शिवः. shiva (4) – अहिर्बुध्न्य (पुं), अष्टमूर्ति (पुं), गजारि (पुं), महानट (पुं)
1.1.34.3 – अहिर्बुध्न्योऽष्टमूर्तिश्च गजारिश्च महानटः

शिवस्य जटाबन्धः. shiva’s braided hair (2) – कपर्द (पुं), जटाजूट (पुं)
शिवधनुः. shiva’s bow (3) – पिनाक (पुं), अजगव (नपुं), +[अजकव (नपुं)]
1.1.35.1 – कपर्दोऽस्य जटाजूटः पिनाकोऽजगवं धनुः

शिवानुचरः. shiva’s attendants (2) – प्रमथ (पुं), पारिषद (पुं)
1.1.35.2 – प्रमथा: स्युः पारिषदा ब्राह्मीत्याद्यास्तु मातरः

शक्तिदेवता. shakti (5) – ब्राह्मी (स्त्री), ब्रह्माणी (स्त्री), माहेश्वरी (स्त्री), कौमारी (स्त्री), वैष्णवी (स्त्री)
1.1.35.3 – ब्राह्मी माहेश्वरी चैव कौमारी वैष्णवी तथा

शक्तिदेवता. shakti (3) – वाराही (स्त्री), इन्द्राणी (स्त्री), चामुण्डा (स्त्री)
1.1.35.4 – वारीही च तथेन्द्राणी चामुण्डा सप्तमातरः

अणुताद्यष्टविधप्रभावः. power (3) – विभूति (स्त्री), भूति (स्त्री), ऐश्वर्य (नपुं)
1.1.36.1 – विभूतिर्भूतिरैश्वर्यमणिमादिकमष्टधा

सिद्धिः. siddhi (4) – अणिमन् (पुं), महिमन् (पुं), गरिमन् (पुं), लघिमन् (पुं)
1.1.36.2 – अणिमा महिमा चैव गरिमा लघिमा तथा

सिद्धिः. siddhi (4) – प्राप्ति (स्त्री), प्राकाम्य (नपुं), ईशित्व (नपुं), वशित्व (नपुं)
1.1.36.3 – प्राप्तिः प्राकाम्यमीशित्वं वशित्वं चाष्ट सिद्धयः

पार्वती. parvati (8) – उमा (स्त्री), कात्यायनी (स्त्री), गौरी (स्त्री), काली (स्त्री), +[काला (स्त्री)], हैमवती (स्त्री), ईश्वरी (स्त्री), +[ईश्वरा (स्त्री)]
1.1.36.4 – उमा कात्यायनी गौरी काली हैमवतीश्वरी

पार्वती. parvati (6) – शिवा (स्त्री), +[शिवी (स्त्री)], भवानी (स्त्री), रुद्राणी (स्त्री), शर्वाणी (स्त्री), सर्वमङ्गला (स्त्री)
1.1.37.1 – शिवा भवानी रुद्राणी शर्वाणी सर्वमङ्गला

पार्वती. parvati (6) – अपर्णा (स्त्री), पार्वती (स्त्री), दुर्गा (स्त्री), मृडानी (स्त्री), चण्डिका (स्त्री), अम्बिका (स्त्री)
1.1.37.2 – अपर्णा पार्वती दुर्गा मृडानी चण्डिकाम्बिका

पार्वती. parvati (4) – आर्या (स्त्री), दाक्षायणी (स्त्री), गिरिजा (स्त्री), मेनकात्मजा (स्त्री)
1.1.37.3 – आर्या दाक्षायणी चैव गिरिजा मेनकात्मजा

चामुण्डा. (2) – कर्ममोटी (स्त्री), चामुण्डा (स्त्री)
चण्डिका. (3) – चर्ममुण्डा (स्त्री), चर्चिका (स्त्री), +[चण्डिका (स्त्री)]
1.1.37.4 – कर्ममोटी तु चामुण्डा चर्ममुण्डा तु चर्चिका

गणेशः. ganesha (4) – विनायक (पुं), विघ्नराज (पुं), द्वैमातुर (पुं), गणाधिप (पुं)
1.1.38.1 – विनायको विघ्नराजद्वैमातुरगणाधिपाः

गणेशः. ganesha (4) – एकदन्त (पुं), हेरम्ब (पुं), लम्बोदर (पुं), गजानन (पुं)
1.1.38.2 – अप्येकदन्तहेरम्बलम्बोदरगजाननाः

कार्तिकेयः. kartikeya (4) – कार्तिकेय (पुं), महासेन (पुं), शरजन्मन् (पुं), षडानन (पुं)
1.1.39.1 – कार्तिकेयो महासेनः शरजन्मा षडाननः

कार्तिकेयः. kartikeya (5) – पार्वतीनन्दन (पुं), स्कन्द (पुं), सेनानी (पुं), अग्निभू (पुं), गुह (पुं)
1.1.39.2 – पार्वतीनन्दनः स्कन्दः सेनानीरग्निभूर्गुहः

कार्तिकेयः. kartikeya (4) – बाहुलेय (पुं), तारकजित् (पुं), विशाख (पुं), शिखिवाहन (पुं)
1.1.40.1 – बाहुलेयस्तारकजिद्विशाखः शिखिवाहनः

कार्तिकेयः. kartikeya (4) – षाण्मातुर (पुं), शक्तिधर (पुं), कुमार (पुं), क्रौञ्चदारण (पुं)
1.1.40.2 – षाण्मातुरः शक्तिधरः कुमारः क्रौञ्चदारणः

नन्दिः. nandi (6) – शृङ्गिन् (पुं), भृङ्गिन् (पुं), रिटि (पुं), तुण्डिन् (पुं), नन्दिक (पुं), नन्दिकेश्वर (पुं)
1.1.40.3 – शृङ्गी भृङ्गी रिटिस्तुण्डी नन्दिको नन्दिकेश्वरः

इन्द्रः. indra (5) – इन्द्र (पुं), मरुत्वत् (पुं), मघवन् (पुं), बिडौजस् (पुं), पाकशासन (पुं)
1.1.41.1 – इन्द्रो मरुत्वान् मघवा बिडौजाः पाकशासनः

इन्द्रः. indra (6) – वृद्धश्रवस् (पुं), सुनासीर (पुं), +[शुनासीर (पुं)], +[सुनाशीर (पुं)], पुरुहूत (पुं), पुरन्दर (पुं)
1.1.41.2 – वृद्धश्रवाः सुनासीरः पुरुहूतः पुरन्दरः

इन्द्रः. indra (5) – जिष्णु (पुं), लेखर्षभ (पुं), शक्र (पुं), शतमन्यु (पुं), दिवस्पति (पुं)
1.1.42.1 – जिष्णुर्लेखर्षभः शक्रः शतमन्युर्दिवस्पतिः

इन्द्रः. indra (6) – सुत्रामन् (पुं), गोत्रभिद् (पुं), वज्रिन् (पुं), वासव (पुं), वृत्रहन् (पुं), वृषन् (पुं)
1.1.42.2 – सुत्रामा गोत्रभिद्वज्री वासवो वृत्रहा वृषा

इन्द्रः. indra (4) – वास्तोष्पति (पुं), सुरपति (पुं), बलाराति (पुं), शचीपति (पुं)
1.1.43.1 – वास्तोष्पतिः सुरपतिर्बलारातिः शचीपतिः

इन्द्रः. indra (4) – जम्भभेदिन् (पुं), हरिहय (पुं), स्वाराज् (पुं), नमुचिसूदन (पुं)
1.1.43.2 – जम्भभेदी हरिहयः स्वाराण्नमुचिसूदनः

इन्द्रः. indra (4) – सङ्क्रन्दन (पुं), दुश्च्यवन (पुं), तुराषा (पुं), मेघवाहन (पुं)
1.1.44.1 – संक्रन्दनो दुश्च्यवनस्तुराषाण्मेघवाहनः

इन्द्रः. indra (3) – आखण्डल (पुं), सहस्राक्ष (पुं), ऋभुक्षिन् (पुं)
1.1.44.2 – आखण्डलः सहस्राक्ष ऋभुक्षास्तस्य तु प्रिया

शची. shachi (4) – पुलोमजा (स्त्री), शची (स्त्री), +[सची (स्त्री)], इन्द्राणी (स्त्री)
इन्द्रपुरः. indra’s city (1) – अमरावती (स्त्री)
1.1.45.1 – पुलोमजा शचीन्द्राणी नगरी त्वमरावती

इन्द्राश्वः. indra’s horse (1) – उच्चैःश्रवस् (पुं)
इन्द्रसारथिः. indra’s charioteer (1) – मातलि (पुं)
इन्द्रवनम्. indra’s garden (1) – नन्दन (नपुं)
1.1.45.2 – हय उच्चैःश्रवाः सूतो मातलिर्नन्दनं वनम्

इन्द्रगृहम्. indra’s palace (1) – वैजयन्त (पुं)
जयन्तः. jayanta (2) – जयन्त (पुं), पाकशासनि (पुं)
1.1.46.1 – स्यात् प्रासादो वैजयन्तो जयन्तः पाकशासनिः

इन्द्रहस्तिः. indra’s elephant (4) – ऐरावत (पुं), अभ्रमातङ्ग (पुं), ऐरावण (पुं), अभ्रमुवल्लभ (पुं)
1.1.46.2 – ऐरावतोऽभ्रमातङ्गैरावणाभ्रमुवल्लभाः

इन्द्रस्य वज्रायुधम्. indra’s thunderbolt (6) – ह्रादिनी (स्त्री), वज्र (पुं-नपुं), कुलिश (पुं-नपुं), भिदुर (नपुं), +[भिदिर (नपुं)], पवि (पुं)
1.1.47.1 – ह्रादिनी वज्रमस्त्री स्यात् कुलिशं भिदुरं पविः

इन्द्रस्य वज्रायुधम्. indra’s thunderbolt (8) – शतकोटि (पुं), स्वरु (पुं), +[स्वरुस् (पुं)], शम्ब (पुं), +[सम्ब (पुं)], +[शम्व (पुं)], दम्भोलि (पुं), अशनि (स्त्री-पुं)
1.1.47.2 – शतकोटिः स्वरुः शम्बो दम्भोलिरशनिर्द्वयोः

देवरथः. indra’s chariot (2) – व्योमयान (नपुं), विमान (पुं-नपुं)
देवर्षिः. divine sage (1) – नारद (पुं)
1.1.48.1 – व्योमयानं विमानोऽस्त्री नारदाद्याः सुरर्षयः

देवसभा. divine assembly (2) – सुधर्मा (स्त्री), देवसभा (स्त्री)
अमृतम्. nectar (4) – पीयूष (नपुं), +[पेयूष (नपुं)], अमृत (नपुं), सुधा (स्त्री)
1.1.48.2 – स्यात्सुधर्मा देवसभा पीयूषममृतं सुधा

देवगङ्गा. divine ganga (4) – मन्दाकिनी (स्त्री), वियद्गङ्गा (स्त्री), स्वर्णदी (स्त्री), सुरदीर्घिका (स्त्री)
1.1.49.1 – मन्दाकिनी वियद्गङ्गा स्वर्णदी सुरदीर्घिका

मेरुपर्वतः. meru mountain (5) – मेरु (पुं), सुमेरु (पुं), हेमाद्रि (पुं), रत्नसानु (पुं), सुरालय (पुं)
1.1.49.2 – मेरुः सुमेरुर्हेमाद्री रत्नसानुः सुरालयः

देववृक्षः. celestial tree (3) – देवतरु (पुं), मन्दार (पुं), पारिजातक (पुं)
1.1.50.1 – पञ्चैते देवतरवो मन्दारः पारिजातकः

देववृक्षः. celestial tree (3) – सन्तान (पुं), कल्पवृक्ष (पुं), हरिचन्दन (पुं-नपुं)
1.1.50.2 – सन्तानः कल्पवृक्षश्च पुंसि वा हरिचन्दनम्

सनत्कुमारः. sanatkumara (3) – सनत्कुमार (पुं), +[सनात्कुमार (पुं)], वैधात्र (पुं)
अश्विनीकुमारौ. ashvini twins (2) – स्वर्वैद्य (पुं), अश्विनीसुत (पुं)
1.1.51.1 – सनत्कुमारो वैधात्रः स्वर्वैद्यावश्विनीसुतौ

अश्विनीकुमारौ. ashvini twins (4) – नासत्यौ (पुं-द्वि), अश्विनौ (पुं-द्वि), दस्रौ (पुं-द्वि), आश्विनेयौ (पुं-द्वि)
1.1.51.2 – नासत्यावश्विनौ दस्रावाश्विनेयौ च तावुभौ

अप्सरस्. nymph (2) – अप्सरस् (स्त्री-बहु), स्वर्वेश्या (स्त्री)
1.1.52.1 – स्त्रियां बहुष्वप्सरसः स्वर्वेश्या उर्वशीमुखाः

घृताचीनामाप्सरा. nymph (1) – घृताची (स्त्री)
मेनकानामाप्सरा. nymph (1) – मेनका (स्त्री)
रम्भानामाप्सरा. nymph (1) – रम्भा (स्त्री)
उर्वशीनामाप्सरा. nymph (1) – उर्वशी (स्त्री)
तिलोत्तमानामाप्सरा. nymph (1) – तिलोत्तमा (स्त्री)
1.1.52.2 – घृताची मेनका रम्भा उर्वशी च तिलोत्तमा

सुकेशीनामाप्सरा. nymph (1) – सुकेशी (स्त्री)
मञ्जुघोषानामाप्सरा. nymph (1) – मञ्जुघोषा (स्त्री)
1.1.52.3 – सुकेशीमञ्जुघोषाद्याः कथ्यन्तेऽप्सरसो बुधैः

हाहानामदेवगायकः. celestial musician (2) – हाहा (पुं), +[हहा (पुं)]
हूहूनामदेवगायकः. celestial musician (1) – हूहू (पुं)
देवगायकः. celestial musician (1) – गन्धर्व (पुं)
1.1.52.4 – हाहा हूहूश्चैवमाद्या गन्धर्वास्त्रिदिवौकसाम्

अग्निः. fire (5) – अग्नि (पुं), वैश्वानर (पुं), वह्नि (पुं), वीतिहोत्र (पुं), धनञ्जय (पुं)
1.1.53.1 – अग्निर्वैश्वानरो वह्निर्वीतिहोत्रो धनञ्जयः

अग्निः. fire (4) – कृपीटयोनि (पुं), ज्वलन (पुं), जातवेदस् (पुं), तनूनपात् (पुं)
1.1.53.2 – कृपीटयोनिर्ज्वलनो जातवेदास्तनूनपात्

अग्निः. fire (7) – बर्हिस् (पुं), +[बर्हि (पुं)], शुष्मन् (पुं), +[बर्हिःशुष्मन् (पुं)], कृष्णवर्त्मन् (पुं), शोचिष्केश (पुं), उषर्बुध (पुं)
1.1.54.1 – बर्हिः शुष्मा कृष्णवर्त्मा शोचिष्केश उषर्बुधः

अग्निः. fire (6) – आश्रयाश (पुं), +[आशयाश (पुं)], बृहद्भानु (पुं), कृशानु (पुं), पावक (पुं), अनल (पुं)
1.1.54.2 – आश्रयाशो बृहद्भानुः कृशानुः पावकोऽनलः

अग्निः. fire (5) – रोहिताश्व (पुं), +[लोहिताश्व (पुं)], वायुसख (पुं), शिखावत् (पुं), आशुशुक्षणि (पुं)
1.1.55.1 – रोहिताश्वो वायुसखः शिखावानाशुशुक्षणिः

अग्निः. fire (4) – हिरण्यरेतस् (पुं), हुतभुज् (पुं), दहन (पुं), हव्यवाहन (पुं)
1.1.55.2 – हिरण्यरेता हुतभुग्दहनो हव्यवाहनः

अग्निः. fire (7) – सप्तार्चिस् (पुं), +[सप्तार्चिस् (पुं)], दमुनस् (पुं), +[दमूनस् (पुं)], शुक्र (पुं), चित्रभानु (पुं), विभावसु (पुं)
1.1.56.1 – सप्तार्चिर्दमुनाः शुक्रश्चित्रभानुर्विभावसुः

अग्निः. fire (2) – शुचि (पुं), अप्पित्त (नपुं)
बडवाग्निः. submarine fire (4) – और्व (पुं), +[ऊर्व (पुं)], वाडव (पुं), वडवानल (पुं)
1.1.56.2 – शुचिरप्पित्तमौर्वस्तु वाडवो वडवानलः

अग्निज्वाला. flame (6) – ज्वाला (स्त्री-पुं), कीला (स्त्री-पुं), अर्चिस् (स्त्री), +[अर्चि (न)], हेति (स्त्री), शिखा (स्त्री)
1.1.57.1 – वह्नेर्द्वयोर्ज्वालकीलावर्चिर्हेतिः शिखा स्त्रियाम्

अग्निकणः. spark (2) – स्फुलिङ्ग (वि), अग्निकण (पुं)
अग्नितापः. burn (2) – सन्ताप (पुं), सञ्ज्वर (पुं)
1.1.57.2 – त्रिषु स्फुलिङ्गोऽग्निकणः सन्तापः सञ्ज्वरः समौ

अग्नेः निर्गतज्वाला. firebrand (2) – उल्का (स्त्री), निर्गतज्वाला (स्त्री-पुं)
भस्मन्. ash (3) – भूति (स्त्री), भसित (नपुं), भस्मन् (नपुं)
1.1.57.3 – उल्का स्यान्निर्गतज्वाला भूतिर्भसितभस्मनी

भस्मन्. ash (2) – क्षार (पुं), रक्षा (स्त्री)
वनवह्निः. forest fire (3) – दाव (पुं), दव (पुं), वनहुताशन (पुं)
1.1.57.4 – क्षारो रक्षा च दावस्तु दवो वनहुताशनः

यमः. yama (4) – धर्मराज (पुं), पितृपति (पुं), समवर्तिन् (पुं), परेतराज् (पुं)
1.1.58.1 – धर्मराजः पितृपतिः समवर्ती परेतराट्

यमः. yama (5) – कृतान्त (पुं), यमुनाभ्रातृ (पुं), शमन (पुं), यमराज् (पुं), यम (पुं)
1.1.58.2 – कृतान्तो यमुनाभ्राता शमनो यमराड्यमः

यमः. yama (5) – काल (पुं), दण्डधर (पुं), श्राद्धदेव (पुं), वैवस्वत (पुं), अन्तक (पुं)
1.1.59.1 – कालो दण्डधरः श्राद्धदेवो वैवस्वतोऽन्तकः

राक्षसः. rakshasa (8) – राक्षस (पुं), कौणप (पुं), क्रव्याद् (पुं), क्रव्याद (पुं), अस्रप (पुं), +[अश्रप (पुं)], आशर (पुं), +[आशिर (पुं)]
1.1.59.2 – राक्षसः कौणपः क्रव्यात् क्रव्यादोऽस्रप आशरः

राक्षसः. rakshasa (5) – रात्रिञ्चर (पुं), रात्रिचर (पुं), कर्बुर (पुं), +[कर्बर (पुं)], निकषात्मज (पुं)
1.1.60.1 – रात्रिञ्चरो रात्रिचरः कर्बुरो निकषात्मजः

राक्षसः. rakshasa (6) – यातुधान (पुं), +[जातुधान (पुं)], पुण्यजन (पुं), नैरृत (पुं), यातु (नपुं), रक्षस् (पुं)
1.1.60.2 – यातुधानः पुण्यजनो नैर्ऋतो यातुरक्षसी

वरुणः. varuna (6) – प्रचेतस् (पुं), वरुण (पुं), +[वरण (पुं)], पाशिन् (पुं), यादसाम्पति (पुं), अप्पति (पुं)
1.1.61.1 – प्रचेता वरुणः पाशी यादसांपतिरप्पतिः

वायुः. wind (5) – श्वसन (पुं), स्पर्शन (पुं), वायु (पुं), मातरिश्वन् (पुं), सदागति (पुं)
1.1.61.2 – श्वसनः स्पर्शनो वायुर्मातरिश्वा सदागतिः

वायुः. wind (5) – पृषदश्व (पुं), गन्धवह (पुं), गन्धवाह (पुं), अनिल (पुं), आशुग (पुं)
1.1.62.1 – पृषदश्वो गन्धवहो गन्धवाहानिलाशुगाः

वायुः. wind (5) – समीर (पुं), मारुत (पुं), मरुत् (पुं), जगत्प्राण (पुं), समीरण (पुं)
1.1.62.2 – समीरमारुतमरुज्जगत्प्राणसमीरणाः

वायुः. wind (6) – नभस्वत् (पुं), वात (पुं), +[वाति (पुं)], पवन (पुं), पवमान (पुं), प्रभञ्जन (पुं)
1.1.63.1 – नभस्वद्वातपवनपवमानप्रभञ्जनाः

महावायुः. great wind (2) – प्रकम्पन (पुं), महावात (पुं)
सवृष्टिकः वायुः. rainy wind (1) – झञ्झावात (पुं)
1.1.63.2 – प्रकम्पनो महावातो झञ्झावातः सवृष्टिकः

शरीरवायुः. prana (5) – प्राण (पुं), अपान (पुं), समान (पुं), उदान (पुं), व्यान (पुं)
1.1.63.3 – प्राणोऽपानः समानश्चोदानव्यानौ च वायवः

1.1.63.4 – हृदि प्राणो गुदोऽपानः समानो नाभिमण्डले

1.1.63.5 – उदानः कण्ठदेशे स्याद्व्यानः सर्वशरीरगः

1.1.63.6 – (अन्नप्रवेशनं मूत्राद्युत्सर्गोऽन्नविपाचनम्

1.1.63.7 – भाषणादि निमेषादि तद्व्यापाराः क्रमादमी)

वेगः. speed (4) – रंहस् (नपुं), तरस् (नपुं), रय (पुं), स्यद (पुं)
1.1.64.1 – शरीरस्था इमे रंहस्तरसी तु रयः स्यदः

वेगः. speed (1) – जव (पुं)
शीघ्रम्. switfly (6) – शीघ्र (नपुं), त्वरित (नपुं), लघु (नपुं), क्षिप्र (नपुं), अर (नपुं), द्रुत (नपुं)
1.1.64.2 – जवोऽथ शीघ्रं त्वरितं लघु क्षिप्रमरं द्रुतम्

शीघ्रम्. switfly (5) – सत्वर (नपुं), चपल (नपुं), तूर्ण (नपुं), अविलम्बित (नपुं), आशु (नपुं)
1.1.65.1 – सत्वरं चपलं तूर्णमविलम्बितमाशु च

अविरतम्. continuous (6) – सतत (नपुं), अनारत (नपुं), अश्रान्त (नपुं), सन्तत (नपुं), अविरत (नपुं), अनिश (नपुं)
1.1.65.2 – सततानारताश्रान्तसन्तताविरतानिशम्

अविरतम्. continuous (3) – नित्य (नपुं), अनवरत (नपुं), अजस्र (नपुं)
अतिशयः. excessive (2) – अतिशय (पुं), भर (पुं)
1.1.66.1 – नित्यानवरताजस्रमप्यथातिशयो भरः

अतिशयः. excessive (6) – अतिवेल (नपुं), भृश (नपुं), अत्यर्थ (नपुं), अतिमात्र (नपुं), उद्गाढ (नपुं), निर्भर (नपुं)
1.1.66.2 – अतिवेलभृशात्यर्थातिमात्रोद्गाढनिर्भरम्

अतिशयः. excessive (6) – तीव्र (नपुं), एकान्त (नपुं), नितान्त (नपुं), गाढ (नपुं), बाढ (नपुं), दृढ (नपुं)
1.1.67.1 – तीव्रैकान्तनितान्तानि गाढबाढदृढानि च

1.1.67.2 – क्लीबे शीघ्राद्यसत्त्वे स्यात् त्रिष्वेषां सत्त्वगामि यत्

कुबेरः. kubera (4) – कुबेर (पुं), त्र्यम्बकसख (पुं), यक्षराज् (पुं), गुह्यकेश्वर (पुं)
1.1.68.1 – कुबेरस्त्र्यम्बकसखो यक्षराड्गुह्यकेश्वरः

कुबेरः. kubera (4) – मनुष्यधर्मन् (पुं), धनद (पुं), राजराज (पुं), धनाधिप (पुं)
1.1.68.2 – मनुष्यधर्मा धनदो राजराजो धनाधिपः

कुबेरः. kubera (4) – किन्नरेश (पुं), वैश्रवण (पुं), पौलस्त्य (पुं), नरवाहन (पुं)
1.1.69.1 – किन्नरेशो वैश्रवणः पौलस्त्यो नरवाहनः

कुबेरः. kubera (7) – यक्ष (पुं), एकपिङ्ग (पुं), ऐलविल (पुं), +[ऐडविल (पुं)], +[ऐडविड (पुं)], श्रीद (पुं), पुण्यजनेश्वर (पुं)
1.1.69.2 – यक्षैकपिङ्गैलविलश्रीदपुण्यजनेश्वराः

कुबेरस्य उद्यानम्. kubera’s garden (1) – चैत्ररथ (नपुं)
नलकूबरः. kubera’s son (1) – नलकूबर (पुं)
1.1.70.1 – अस्योद्यानं चैत्ररथं पुत्रस्तु नलकूबरः

कुबेरस्थानम्. kubera’s town (1) – कैलास (पुं)
कुबेरपुरी. kubera’s city (1) – अलका (स्त्री)
कुबेरविमानम्. kubera’s vehicle (1) – पुष्पक (पुं-नपुं)
1.1.70.2 – कैलासः स्थानमलका पूर्विमानं तु पुष्पकम्

किन्नरः. kinnara (4) – किन्नर (पुं), किम्पुरुष (पुं), तुरङ्गवदन (पुं), मयु (पुं)
1.1.71.1 – स्यात् किन्नरः किम्पुरुषस्तुरङ्गवदनो मयुः

सामान्यनिधिः. treasure (2) – निधि (पुं), शेवधि (पुं)
विशेषनिधिः. treasure (2) – पद्म (पुं-नपुं), शङ्ख (पुं-नपुं)
1.1.71.2 – निधिर्ना शेवधिर्भेदाः पद्मशङ्खादयो निधेः

विशेषनिधिः. treasure (5) – महापद्म (पुं), पद्म (पुं-नपुं), शङ्ख (पुं-नपुं), मकर (पुं), कच्छप (पुं)
1.1.71.3 – महापद्मश्च पद्मश्च शङ्खो मकरकच्छपौ

विशेषनिधिः. treasure (4) – मुकुन्द (पुं), कुन्द (पुं), नील (पुं), खर्व (पुं)
1.1.71.4 – मुकुन्दकुन्दनीलाश्च खर्वश्च निधयो नव

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